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तु थोड़ी देर और ठहर जा!

तु थोड़ी देर और ठहर जा,
अब मंजिल तेरे पास होगी|
आकाश तेरे पैरों तले, और जन्नत से तेरी मुलाकात होगी|
अपनी जिंदगी में तुने जो सबक सीखा है,
अपनी गलतियों से नहीं, जो तुने दुसरो की गलतियों से सीखा है,
अपनी गलतियों से सबक सीखने में पूरी उम्र गुजर जाएगी, और अगर दुसरो की गलतियों से सीखो तो वह मीशाल बन जाएगी|
अब मुक्मबल होगी तेरी हर वो कोशिश, अब हर कामयाबी तेरे दर चुमेगी|
बस तु थोड़ी देर और ठहर जा अब मंजिल तेरे पास होगी
©swara