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तुझे बिना देखेे बिना छुए बिना पास आये बिना गले लगाए मेने इतना महसूस किया है…

तुझे बिना देखेे
बिना छुए
बिना पास आये
बिना गले लगाए मेने इतना महसूस किया है मानो कभी तू दूर था ही नहीं, सोचो पास होते तो क्या होता?
पर अब बहुत हुआ ये रूहानी इश्क़ ¡
अब मुझे हक़ीक़त मे तुझे छूना है ¡
मुझे तुझे खुद को निहारते हुए देखना है ¡
तेरी खुशबू को महसूस करना है ¡
तुझे गले लगाना है ¡
तुझसे मिलना है तुझसे फिर कभी दूर ना जाने के लिए!
एक बार बस एक बार ¡

-शिवन्या

तुझे बिना देखेे
बिना छुए
बिना पास आये
 बिना गले लगाए मेने इतना महसूस किया है…