तुझको भुलाने में मुझे जमाने लगेंगे
कितने कांटे हैं दामन में और कितने कांटे लगेंगे।
ये तो उम्र है अभी नई नई मगर अब
जिंदगी मुझे बस पुराने लगेंगे।
गुजरी है और जो गुज़र रहा है आज मेरा
मेरे नज़र से बस ये अफसाने लगेंगे।
दिल ने भरोसा किया था बहुत तुझपर
याद-ए-वस्ल तेरी अब हमें सताने लगेंगे।
कोई रात न रहा जो याद न आती रही हों तुम
ग़म-ए-इश्क में ये दुनिया विराने लगेंगे।
दिल लगाकर तुने दी है इस दिल को दगा
अनुराग को अब सब लड़कियां सयाने लगेंगे।
©anuragrahi
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