V

तुम

तुम हो एक अनमोल अंगूठी
या फिर उसका कोई नगीना
तुम सी नहीं है कोई अनूठी
कातिल काफिर कोई हंसीना
आंखें तुम्हारी कारी कजरारी
चाल तुम्हारी बड़ी मतवारी
एक बार जो तुम कुछ बोलो
जैसे शब्द में मिश्री घोलो
हो तुम बड़े ही नखरे वाली
तुम्हारी है हर बात निराली
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©vikasgarg