मुझे ना सही मेरे दिल के जज्बात को तो तुम समझो...
क्यों फ़ीके- फीके है मेरे दिन-रात कभी तो तुम समझो..!!
चलो मोहब्बत की इस गाडी को फिर से पटरी पर ले आएं...
तेरे दिल को मैंने अपना समझा है...
मेरे दिल को तुम भी तो अपना समझो..!!!
©rohittiwar
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