तुम एक बार मिलने आओगे ना
सुनो…
जब मैं इस दुनिया से जा रही होंगी,
तुम मुझसे मिलने आओगे ना?
मेरे हाथ में अपना हाथ रखकर,
फिर से मिलने का वादा करने आओगे ना?
अगले किसी जनम में, कहीं और मिलने के लिए,
एक बार मुझे बुलाने आओगे ना?
और जब लूँ मैं अपनी अंतिम साँसें,
तुम मुझे अपनी गोद में सुलाओगे ना?
मेरी मुट्ठियों को अपने हाथों में भींचकर,
मुझे एक आख़िरी बार सुकून से देखोगे ना?
उन आँखों में जहाँ सिर्फ तुम्हारा इंतज़ार बसा है,
तुम झाँक कर एक बार मुस्कुराओगे ना?
जब चली जाऊँ इस दुनिया से मैं,
मेरे बेजान शरीर को गले लगाओगे ना?
मेरी अंतिम यात्रा में शामिल होने,
तुम चुपचाप चले आओगे ना?
जब चिता पर सुलाया जा रहा होगा मुझे,
एक लकड़ी अपने हाथ से रखोगे ना?
मेरे ठंडे माथे पर अपना हाथ रखकर,
एक आख़िरी स्पर्श दे जाओगे ना?
जब जल कर राख बन जाऊँगी मैं,
तुम उसे अपनी मुट्ठी में भरोगे ना?
उसे होंठों से लगाकर,
मेरे लिए एक आँसू बहाओगे ना?
उस पल,
तुम हमारे कुछ लम्हे याद करोगे ना
फिर मेरे लौट आने की दुआ करोगे ना ?
मुझे अभी बता दो ना …
सुनो...
तुम एक बार
बस आखिरी बार
मुझसे मिलने आओगे ना?
Ink&Emotions ✍️