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तुम घुम घुम कर रिश्तेदारों में त्योहार देखते रहना।

तुम घुम घुम कर रिश्तेदारों में त्योहार देखते रहना
मिल ही जाएगा कहीं अपना उपहार देखते रहना।
लर्जिश है बहुत तुम्हें होती अब मेरी बातों से
जाओ अपने मिजाज का काबिल-ए-प्यार देखते रहना।
बहुत ही लम्बी कतारें लग जाएंगी तेरे दिवानों की
अपने घर की दिवारों पर मुहब्बत का इश्तिहार देते रहना।
सौ सपने दिखाएंगे कई कसमें खाएंगे तुझे रानी बनाएंगे
क्या क्या कहेंगे उनका लहजा-ए-इजहार देखते रहना।
मैं तो अजनबी ठहराआपका बहुत फासला है मुझसे
आएगी इक दिन मेरी मौत की खबर अखबार देखते रहना।
©Anuragrahi