V

तुम हो

यादों के पुराने डिब्बे से एक पुराना हिस्सा मिला,
जब पास से देखा तो एक अनमोल दोस्त मिला,
बचपन के झगड़े को याद किया तो,
तुम्हारा हंसता चेहरा मिला ,
धरती की मिट्टी जैसे नरम,
गुस्सा करने पर अग्नि जैसे गर्म,
जीवन सिखाने वाले गुरु हो तुम,
जन्म से लेकर अंत तक सहारा हो तुम,
दुनिया से लड़ने के तुम ने सिखाए तरीके,
जब कोई ना था तो तुम ही दिखे,
मेरे घर को रोशन करने वाला दीया तुम,
तुम ही राम हो सिया भी तुम|
विकास गर्ग
©vicky