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तुम हो न...

मेरे करीब कि सब बारीकियों में समा गया है तू,
कोई भी सवाल हो, जवाब मेरा बन गया है तू।
मे सोच में रह गई, जिसमें तू नही वो बात कैसी,
यह उम्र भी क्या उम्र है, जो तू नही वो रात कैसी।
ये मेरी मदहोशियाँ है कहती रुकना अभी,
हु कशमकश में, नहीं ढलता ये जनून,
कभी चुपके से झांके तू मेरी ज़िंदगी में,
पल पल में जैसे बिखरा है तू।
मे सोच में रह गई,
दिल में जो होता ना तू, साँस रुक जाती मेरी कबकी,
ख्याल में बस तू दिखे, जो तू नही वो याद कैसी।
©piku