S

तुम्हारी बाते!!

बाते बेशुमार थी, जो तुमसे करनी थी....
तुम समझे नहीं मेरी बातो को...
तो मै फिर वही रुक गई!!
क्या, करती तुमसे मोहब्बत करके भी..??.
तुम तो मेरे ही दिल का मज़ाक बनाने में लगे हुए थे!!
©starpoet