उम्र बढ़ाने के लिए मिट्टी के बर्तनों को आग में पका दी जाती है
वैसे ही बच्चों को भी माता पिता के द्वारा सजा दी जाती है।
बच्चें बाहर आपस में लात घुस्से खा भी ले तो कोई बात नहीं
शिक्षक के एक छड़ी से क्या कहें कक्षा में इज्ज़त चली जाती है।
न चलाओ मुझे पैदल सफर में जियादा दुर ओ देर तक
चलते चलते इन पैरों से रास्तों की पहचान चली जाती है।
कैसे समझाए कोई नहीं समझना चाहतीं हैं मेरे हालातों को
जो समझ लेती है न जाने क्यूं मुझसे दूर चलीं जाती है।
कैसे कहें कि ये जमाना है बदला हुआ युवाओं के मिजाज का
महबूब से शादी की बात करों तो बात धर्म पर चली जाती है।
अनुराग हमने तो खाएं है मिठाईयां, सेवईयां,केकें सभी के साथ
अब गर साथ बैठो भी तो अखबार की सुर्खियां बन जाती है।
©anuragrahi
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