न था कभी किसी का खयाल
न थी दिमाग मे किसी की तस्वीर...
ख्वाईश न थी कभी किसीसे मिलने की,
बस गये थे खुद को दुनिया की पहचान कराने..
और वक्त ने मिलाया उस चेहेरो को,
दिल ने तो कहा बस यहि हे वो..
हम खुद तो रह गये हैरान..
जिससे थे हम बिलकुल अंजान..
शायद नजर और दिमाग को,
पाहिले से ही था उनका इंतजार...
मन की कॅमेरे मे कैद हुआ चेहरा,
चाहत का रंग हुआ बडा गहरा..
एक तरफ कामयाबी की सीडी थी,
दुसरी और चाहत की घडी थी...
दोनो किनारोंको मिलाके,
पोहच गये उस सुंदर सी दुनिया मे..
आँखो की कोशिश उनको ढुंढने की,
शायद यही वजह थी हमे आगे बढने की..
कोशिश हो गयी कामयाब,
इक भीड मे दिख गये जनाब..
वो पल था काफी सुनहरा,
जैसे पहले देखा वही था चेहरा..
बात करके हाल पूछा..
उनकी ख्वाहिशें थी कुछ पाने की,
दुनिया मे पहचान बनाने की..
इक जुनून था मन मे..
मेरी तरह वो भी थे कामयाबी के लक्ष पे ..
इसलिये दिलसे लफ़ज न बाहर निकले..
वह उमर का न था सही मोड..
मन ने ही खुद को रोका,
यह तो बस हे चाहतऔर मोह का धोका..
तुम्हे तो हे आसमान को छुना...
प्यार इक खूबसूरत पल हे,
उसे प्यार se ही रखो..
जल्दबाजी मे उसे मत खोना..
हम ने सिर्फ उनसे यह बात सिखि,
अपने माँ पापा की दुनिया बनने की..
उनके काबील बनने की चाहत रखी,
न उनको पाने की....
इस तरह वो प्रेरणा बनकर आये थे,
दिमाग मे बस तसवीर बनकर रह गये...
मधू..
©sumati san
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