D

उनकी भी तैयारी थी😎✍️

किसी से क्या शिकवा करना
उम्मीदें भी तो हमारी थी
उन्होंने तो कभी कुछ कहा ही न था
तमाम हसरतें तो हमारी थी
आज फिर से चल दिये उसी राह पर
जिसकी बाज़ी कभी हमने हारी थी
फिर से "आह" ही मिली हमें
क्या कहें जब,किस्मत ही न अच्छी हमारी थी
बुरे होंगे लाख हम बेशक
मगर उनकी भी तो तैयारी थी
जख्मी करके छोड़ा हमें यूँ
जैसे उन्हें मुद्दतों से दुश्मनी प्यारी थी
क्या खता थी यह तो समझ न पाए
चलिए कुछ तो दुश्वारी थी
चाहा नहीं था उसने कभी किसी को
क्या कहें, उनकी बस जिस्मों से यारी थी.......
©deeprichu