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उनकी यादें #19

उनकी तो बात ही अलग थी जनाब,
जुल्फें लहराती थीं, तो कयामत सा बरसता था,
अंखियां दिखती थी तो, हमारी नज़रें भटकती थी,
और जब पास वो आती थी तो, दिल जोर जोर से धड़कता था।
आज वही दिल पता नहीं किस अंधेरे में जा छुपा है।।
©sochamit