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उनसे राज़-ए-दिल छिपा-छिपा कर थक सा गया हूँ, सोंचता हूँ अब साफ साफ कह दू की…

उनसे राज़-ए-दिल छिपा-छिपा कर थक सा गया हूँ,
सोंचता हूँ अब साफ साफ कह दू की मुझे तू चाहिये !!!!
©your_rohit