भगवन!हमारे दिल-दिल मे, इक खलिश मचा दे तु!
जन-जन दीवाना हो जाए!
गर्दिशे गफ़लत मिटा दे तु!
भगवन----
उत्थान सँकल्प ये गीत बने!
नित गाऐं ये रीत बने!
भगवन हमारी फितरत मे,
ये हसरत बसा दे तु!
जन-जन दीवाना------
उत्थान हमारा निष्चय हो!
इत्फाक हमारा परिचय हो!
महज हमारे जीवन का,
मकसद बना दे तु!
जन-जन-----
निर्बल!मुफलिस भी डट जाए!
जन-जन हमारा डट जाए!
जन-जन हमारा आकी हो,
मुहताज ख़लक बना दे तु!
जन-जन-------
तन-मन हमारा बिक जाए!
चाहे जान हमारी मिट जाए!
सव्पने रहबर शहीदों के अब,
हर्गिज सजा दे तु।
जन-जन दीवाना---
©ramvir
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