जीवन एक सार है
इसका ईश्वर को आभार है
जिसमें ढलता हमारा आकार है
फिर होता मन का प्रहार है
जिस में डूबता बुद्धि का द्वार है
मन छलावे का संसार है
जिस पर नियंत्रण ही हमारा आधार है
मन एक पतंग पर सवार है
जिसे दिशा देना हमारा ही उद्धार है
मन की निश्चलता ईश्वर की और रुखसार है
हमारा शुद्ध मन ही हमारा उपहार है
जिसे पाना संयम का परिणाम है
ईश्वर भाव को जगाना ही हमारी
वास्तविकता का प्रचार है
और यही हमारी उत्तीर्णता का प्रमाण है
©myemotions
M