जैसे ही छाया
वैलेंटाइन का मौसम।
लडकियां बनी ब्यूटी क़्वीन,
लड़के हुए हैंडसम।।
भाई राजू छिलके ने तो
बायां गाल भी किया तैयार।
पिछले रोज डे पर मिला था
दाएं पर गरमागरम उपहार।।
इस बार राजू भाई ने रोज डे
पर रोज से जेब भरी।
और ढूंढने लगे हसीना
पीछे से रोज खा रही बकरी।।
मिली एक कमसीन केवल गुलाब
की डंडी राजू के हाथ में।
और थप्पड़ खाकर हो गए शामिल
मनचलों की जमात में।।
अगले दिन प्रोपोज़ डे को
फिर इश्क़ चढ़ा परवान।
राजू सोचे गोल्डन रिंग
पहनाके पा लूंगा मुकाम।।
सो झूमते हुए रिंग के साथ
राजू कॉलेज के बाहर खड़ा।
इस बार लड़कियों के साथ
मैडमों ने भी थप्पड़ जड़ा।।
लेकिन राजू को प्यार में
हार नहीं थी गँवारा।
सजाया संवारा चेहरा
लौटे इश्क़ की राह पे दोबारा।।
इस बार बतीसी दिखाते हुए
चॉकलेट हाथ में थमाई।
तो लड़की ने थैंक यू भैया
बोलके मजे से खाई।।
उस रात राजू के दिल में अंगार फूटे
और आँखों से आंसू आये।
आस पड़ोस के गम के मारे
मच्छर मक्खी भी डूब डूब के नहाये।।
फिर सुबह पोंछ के आंसू
हाथ में पकड़ा टेडी बियर।
देखी सुन्दर बाला तो देते हुए बोले
जानेमन मैं हूँ इधर।।
युवती ने देखा इतना सुन्दर
टेडी लिए था इक बन्दर।
बस देखते ही दौड़ी चली आयी
सुन्दरी 2 सेकंड के अंदर।।
सुंदरी बोली वाव टेडी
इतना प्यार इतना सुन्दर।
राजू बोला क्योंकि प्रिय
मेरा दिल है इसके अंदर।।
छिपा है इसमें मेरे प्यार का समन्दर
ले मौजे प्रेमिका का दिल जिसके अंदर।
जो जानता है दर्द ए दिल की कदर
माशूका का के लिए जान दे दे वह जिगर।।
सुनते ही युवती हुई
गजब की इम्प्रेस।
लगा राजू छिलका
दुनिया में विशेष।।
जाते जाते दे गई साथ में
मोबाइल नम्बर।
आखिरकार राजू बन गए
मुकद्दर का सिकंदर।
फिर सिकंदर जी का रात में
मोबाइल का रिँगटोन बजा।
और राजू भैया के बॉडी का
हर अंग अंग उछला।
बोले तो फिर कल हग डे पर
जादू की झप्पी मिलेगी।
कन्या कही जी बिलकुल कल आपको
बाँहों में भरने को यह प्रेमिका निकलेगी।।
लेकिन हग डे को जी खोल के गले
लगाने से राजू के दिल में हुई मिस्टेक।
राजू के दिल में फूटे ऐसे पटाखे
कि आ गया हार्ट अटैक।।
राजू दिल संभालते हुए बोला
अब तो केवल किस्स ही बचायेगा।
प्रेमिका बोली किन्तु प्यारे राजू
किस्स डे तो कल आयेगा।।
कहकर राजू को एडमिट
करवाया गया अस्पताल।
राजू का दिल हो गया था
ज्यादा प्रेम से बेहाल।।
दूसरे दिन प्रेमिका ने
गाल पर किस्स जड़े।
और राजू छिलका जी
वेंटीलेटर पर जा चढ़े।।
अगले दिन वैलेंटाइन पर प्रेमिका बोली
अच्छा राजू लेती हूँ अब विदाई।
आपके कल वेंटीलेटर पर चढ़ते ही
कर ली मैंने सगाई।।
सुनते ही राजू के दिल को लगा झटका
और ठीक से करने लगा काम।
शरीर कांपना बंद हुआ
बनी आँखे आंसू का गोदाम।।
राजू बोले धोखेबाज
यह तूने क्या किया
मेरे मरने का इन्तजार
क्यों ना किया।।
प्रेमिका बोली सॉरी राजू जी
आई ऍम ओनली जॉकिंग।
लेकिन राजू के हार्ट के लिए
था बड़ा यह शॉकिंग।
अचानक तेजी से दिल धड़का
और बंद हो गया करना काम।
देखते देखते ही राजू का
हो गया वैलेंटाइन को राम नाम।।
तब से वैलेंटाइन पर भटकी रही
राजू छिलका की आत्मा।
करने को वैलेंटाइन दिवस
का संसार से खात्मा।।
अतः वैलेंटाइन दिवस को
राजू की आत्मा से बचाओ।
यह प्रेम काव्य कथा
आप सभी को पढ़ाओ।।
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©vikasgarg
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