K kundan.kr en July 23, 2025 विचार सामने वाला हमारे बारे में क्या सोचता है, इसका फिक्र ही छोड़ दे। क्यों की ये दुनिया वाले दूसरे के ही चक्कर में रहते है। कुंदन कुमार©ikk