वक़्त, वक़्त की बात है जनाब ये
यदि पक्ष में हो तो बहोत खूब
नहीं तो इससे बुरा कोई नहीं।
अगर परिणाम पक्ष में तो वक़्त अच्छा,
नहीं तो इससे बुरा कोई नहीं ।
यह वक़्त ही तो है जिसके ज्यादा होने पर बोरियत,
नहीं तो इसकी कमी हमेशा खलती है।
वक़्त की नजाकत को समझिए जनाब
और इसकी कदर करना सीखिए।
वक़्त, वक़्त की बात है जनाब,
आज बुरा है तो क्या हुआ कल अच्छा जरुर आएगा।।
©abhicool
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