आजकल कोई किसी के लिए आसक्त नहीं है,
सुनाए भी किसको?
किसी के पास वक्त नही है,
सारी जिंदगी रिश्ते बचाते रहे,
अंतिम समय में अकेला
किसी के पास वक्त नही है,
दूसरों की खातिर खून का पसीना बनाया,
आज उन रिश्तों की
धमनियों में रक्त नहीं है,
पूजा करने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च जाते,
भक्ति की बाढ़ आई,
इस बाढ़ में कोई भक्त नहीं है
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©vicky
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