वक़्त की रेत है
तिनकों का आशियाना है
खिली धूप है
अपना आना जाना है
विपदा खड़ी है
फिर भी मुस्कुराना है
डूब रहे गहरी झील में
तू कोशिश कर उस पार जाना है
एक इंतज़ार है
वो पल एक पल में गुज़र जाना है
पंछियों का झुंड है
सबको एक बार उड़ जाना है
©anusingh
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