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वंदन तेरा शारदे

जिसकी वीणा में सजे, सुर संगम अभिराम, 
वंदन तेरा शारदे, करता आठों याम। 
भाव, शब्द, रस, छंद से बरसे ज्ञान फुहार, 
ऐसी मति दे शारदे, करता यही गुहार।
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©vikasgarg