Y

वो अपने थे....!!

रात गयी तो तारे चले गऐ
गैरों से क्या गिला जब हमारे चले गऐ
हम जीत सकते थे कई बाज़िया
बस कुछ अपनों को जीताने के लिए हम हारे चले गऐ

©rohit123