वो क्या मिली जीवन का सार मिल गया
गुमनाम जिंदगी को एक आधार मिल गया
जिक्र आएगा जब भी मेरा तो लोग कहेंगे
वो क्या मिली उसका तो संसार मिल गया
जीवन के रंग, उमंग, ढंग सब में हो ग्ई शामिल
जर्रे जर्रे से आवाज आई कि मुझे प्यार मिल गया
सब कुछ तो था पर तू न थी तो खुद पे हंसता था
अब मिल ग्ई हो तुम मुझे सब श्रृंगार मिल गया
गमें जिंदगी तेरा बोझ भी अब मिल के सह लेंगे हम
हर कदम पर साथ देने को मुझे मेरा यार मिल गया
या खुदा तेरी मेहरबानी के चर्चे बहुत सुने थे मगर
तेरी नेमत जब बरसी मुझपे तो अख्तियार मिल गया
एक हीं जिंदगी...एक तू है खुदा...एक तेरी रहमत
बंदा रहबर था है रहेगा बस तेरा दीदार मिल गया
©abhidilse
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