शक दी दीवार जिस रिश्ते में आ जाये
वो रिश्ता कभी आबाद नहीं होता
गलती किसी की भी हो लेकिन
उसे बार - बार नीचा दिखाया जाए
ऐसे भी जनाब रिश्ता बर्बाद ही है होता
ऐसे रिश्ते में रह कर भी फिर क्या करना
जिस में घयरत की नीलामी से ज्यादा कुछ यार नहीं होता
नहीं यकीन आये हम पर तो यहीं छोड़ जाओ
हम से भी अब तकरार बार-बार नहीं होता
थक गए हैं हम सफाइयां पेश करते-करते
बस अब और सहन हमसे भी यार नहीं होता
बस अब और .........
©deeprichu
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