दिल से आंसू निकल आते हैं जब भी निकलता हूं वहां से,
एक आश्रम नजर आता आता है जब भी निकलता हूं वहां से,
भारतीय संस्कृति ने बनाए कुल मिलकर आश्रम चार,
पांचवे वृद्ध आश्रम का क्यों डाल दिया गया भार,
ना जाने क्यों लोग कर देते हैं अपने जन्मदाता का त्याग,
ना जाने क्यों लोग प्रवाह नहीं करते और क्यों अपने कर्म से जाते भाग,
कलंक है उस समाज का जहां बन जाते हैं यह आश्रम,
जो भगवान को घर से निकाल कर भेज देते हैं वृद्ध आश्रम,
कानून एक नया बना दे हमारी सरकार देवा,
तनखाह मिलेगी उसको जो करेगा मां बाप की सेवा.
विकास गर्ग
©vicky
V