M

" व्यक्तित्व भाव "

शब्दों के साए में हमने,
व्यक्तित्व को रचा है
सुंदर विचारों को ,
बड़ी सहजता से रखा है
पन्नो को भरकर ,
ह्रदय भीतर से सजा है
आकाश का खालीपन ही ,
बस मन में बचा है
हृदय में मुस्कुराती,
झलक की रजा है
खुशियां देने का स्वभाव ,
जो भीतर ने गढ़ा है
ना जाने हृदय ने ,
कैसी शांति को भरा है
की मुस्कुराहट का स्पर्श ,
ह्रदय ने अंतिम छोर तक करा है
©myemotions