यह जो चारों तरफ चल रहा है ।
इसका इलाज क्या है ....॥
मेरे जेहन मे हर वक्त बस तेरा ही ख्याल ।
इसका इलाज क्या है ....॥
तू जो कहीं है भी नही ,फिर भी बेवजह तेरा इंतज़ार ।
इसका इलाज क्या है ....॥
ये शहर, ये रात, ये बरसात और ये धूआँ ।
इन सबका इलाज क्या है ....॥
ये सरकार, ये तकरार और ये राजनीतिक जूआ ।
इन सबका इलाज क्या है ...॥
ये सड़कों पे गढ्ढे और गलियों में पानी,
जिनमें बहती कइयों की जिंदगानी ।
इनका इलाज क्या है ....॥
ये हवा, ये मौसम और ये बारिशें ......... और इनका नशा ।
इसका इलाज क्या है .....॥
ये पढ़ाई, ये लिखाई, ये परिक्षायें,
और ऊपर से ये इन्जीनियरिंग ,डाक्टरी .....।
इसका इलाज क्या है .....॥
ये कविता, ये कहानी ...और ये फूल, पत्ती, पेड़, हवा, धूप -छाँव,
नदियों में बहता शीतल पानी ।
इन सबका इलाज क्या है ......॥
ये ख्वाब, ये सपने, कुछ नये कुछ पुराने,
कुछ मेरे, कुछ तुम्हारे, कुछ अपने ....।
इनका इलाज क्या है ......॥
क्या मेरा, क्या तेरा,
तू मेरी, मै तेरा ,
ये सारी बेफिजूल की बातें .....,
इन सबका इलाज क्या है ......॥
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सारे सवालों की ख्वाहिशें मेरी हैं ...
शायद इनके जवाबों की जरूरत होगी ..........." तू "..॥
- गौरव राव
07/07/2019
©gauravrao
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