Y your_rohit en July 23, 2025 #wo jindgi hi kyaa jo chhav chhav chali हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चलीकुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली।सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ।वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।। ..©rohit123