S

याद

आज दिल बहुत है रोया
किसी की यादों में अक्सर ये खोया
यूँ तो बेवजह ही वजह ढूंढ़ लेता है
ये दिल हर बात पर
तेरी ही बात कर लेता है
क्या कहूँ
तेरी यादों का पिटारा
जब भी खोला
कभी आँसू
तो कभी गम को पाया
क्या कोई ऐसी याद नहीं
जिसमे हो ख़ुशी का पिटारा
कैसे कहूं कि
ऐसी कोई रात नहीं
जिसमें तेरी याद नहीं
संग अब ना कोई साथी
न किसी से कोई उम्मीद रखी
तूने जिस विश्वास से मेरे विश्वास तो तोड़ा
उसके बाद आज तक
न मैंने खुद को जोड़ा
न कभी किसी पर किया भरोसा
बस पलकों को मिचा
और आगे कदम बढ़ाया
तेरी याद में है पल पल तड़पा
फिर किसी के लिए ना धड़का
आज दिल बहुत है रोया।।
©shaaya