याद आने लगा फ़िर रूठना मनाना तेरा।
याद आने लगा फ़िर रूठना मनाना तेरा
सह कर हर जफ़ाओं को रिश्ता निभाना तेरा
अपना समझ कर ताउम्र जिसका एहतराम किया
वो ही सौदागर मौत का निकला पुराना तेरा
तुम्हारे बाद मैं अब किसी बुत ख़ाने नहीं जाता
मिल कर ख़ाक़ में बन जाउंगा कब्र का सिरहाना तेरा
महफ़िलों में मैं जब अब किसी जोड़ें को देखता हूं
तरस जाता हूं मुझे पता ही नहीं है ठिकाना तेरा
समझ आ गया है मुझे कि मैंने किस हीरे को खोया हैं
पछताओ,न जाएगा अनुराग अब पछताना तेरा।