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याद तो कर ही सकते हैं

मुमकिन न हो मुलाकातें
तो भी याद तो कर ही सकते हैं
कोहरा लाख घना हो
गुनगुनी धूप की बात तो कर ही सकते हैं
क्यों घबराते हो असफलताओं से
रात कितनी ही अंधेरी हो
उजालों की बात तो कर ही सकते हैं
नहीं मिलती ज़िन्दगी में ख़ुशी सब को
चोट कितनी ही गहरी हो
मरहम की बात तो कर ही सकते हैं
ज़िन्दगी रोने से न गुजरेगी यारो
ठहाकों की इजाजत न भी हो तो
मुस्कुराहट की बात तो कर ही सकते हैं
आओ कोशिश करें फिर से जुड़ने की
मुलाकात मुमकिन न भी हो तो
एक दूसरे को याद तो कर ही सकते हैं
यूं ही न गुज़र जाए ज़िन्दगी बेरौनक सी
गुलशन में गुजर हो न हो
गुलों की बात तो कर ही सकते हैं
©maahisingh