कभी जिंदगी में यैसा मंजर
भी आता है,जो सफर चुना है,
वह गलत सा लगता है, जो वादा
खुद से किया है, वह झुठा सा
लगता है,
इस भिड़ भरी दुनियाँ में ये दिल
अकेला सा लगता है,
जो सपने आंखों ने देखें थे,
वह अब अधुरा सा लगता है, पर
ये हौसलों की किरणें फिर से
आती है और मेरे बुझे मन
को फिर से जगाती है, और
ये थका सा दिल फिर से
चलने को कहता है,
कभी जिंदगी में यैसा मंजर
भी आता है॥
©banirai
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