Y

ये अब पेहले की बातें हैं...!!

न जाने क्या मजबूरी है उनकी
मुझे देखकर नजरें झुका लेती है,
कभी देखने को तरसती थी अब क्यों
दिल की बात दिल में दबा लेती है।
©rohittiwar