ये ग़म क्या है बस दिल की आदत है
ताउम्र मिली प्यार की एक अमानत है।
किसी के बिन किसी के याद के बिन
जिए जाने की बड़ी इक हिम्मत है।
किसी की सूरत देखें बिन गर दिल न लगे
तो समझिए उस दिल की वो हालत है।
उन से मिल कर जब कोई बिछड़ जाए
यह दौलत उसी की किमत है।
हर दुख सह कर भी वो मिल जाए बस
अमन पाने की यहीं हसरत है।
अनुराग तेरे हाल पर यहां है सबको हैरत
क्या तेरे दिलनशी को भी हैरत है।
©anuragrahi
S