S sochamit en July 23, 2025 ये है हाल मेरे तन का।। मत टकरा मेरे संकल्प की लहरों से,मेरे मन की समुन्द्र बहोत गहरी है,और किनारे का कोई पता नहीं,और दिल में भी आजतक कोई टीका नहीं।©sochamit