जमाने में अलग पहचान लेकर मानेगा,
बड़ा जिद्दी है वो आसमान लेकर मानेगा,
दिल का दर्द गुजर चुका है बेदर्दी की हद से आगे,
ये दर्द इक दिन हमारी जान लेकर मानेगा
जिद है कि तोड़ कर लाने है सितारें जमीन पर,
दोस्तों साथ देना, ये जज्बा एक दिन उडान लेकर मानेगा,
उड़ा रहा है कोई हजारों, रोज मयखानों में बिन बात,
इक दिन ये जनून खानदान की शान लेकर मानेगा,
हर रोज चला आता एक शख्स हाल चाल पूछने मेरा,
घर की सारी जानकारी जरुर ये मेहमान लेकर मानेगा,
🌹🌹🌹
©vikasgarg
V