टुटा था दिल टुटे थे हम, था उनका इंतज़ार
इस कदर कुदरत ने बदला हमें
अब ना वो गुनेगार, ना हमें उनका इंतज़ार
ख़ुदा ने क्यों दी ये ज़िंदगी रोते हुए कहते थे हम कुछ तो कर ऐ खुदा क्या इतने बुरे हैं हम
इस कदर टूटे थे ,डरते थे बात करने से भी
कोई ज़िंदगी में ना आ जाये उस खाब से भी
एक दोस्त ने कहा ,क्या यही रह गयी है तेरी ज़िंदगी ???
महफ़िल में हंसना और अकेले में रोना
खटकने लगी थी हर एक ख़ुशी
पर वो कहते हैं ना खुदा के घर में देर है पर अंधेर नहीं
भटकते रहे खुद को ढूंढ़ने के लिए
जिसने दी ज़िंदगी वो आसरा तुम हो
रहमत है उस खुदा की जिसने दिखाया ये रास्ता
अब ज़िंदगी की आखिरी दुआ तुम हो ♥️♥️♥️
©wellwisher
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