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आधी नज़्म

मिलेंगे तुमसे, बैठेंगे, बातें करेंगे
खैर छोडो, ये तो ख्वाब हैं, आते रहेंगें ।
ख्वाब कभी हक़ीक़त हुए तो पूछेंगे तुमसे
बहुत लंबा सफर तय करना है मुझे, मेरे साथ चलेंगे ।
इंतज़ार करना अभी आती हूँ,बोलकर वो चली जाती है,भूल जाती है
हमारा तो प्यार है, इंतज़ार करना है,सो करते रहेंगे ।
उसके आस पास बहुत भीड़ है लोगों की
इस भीड़ मैं कहीं खो जाएं हम,तो क्या आप हमें ढूढा करेंगे ।
~by Anuj Pathak
©anuj_2311