यूँ तो लिखे दिल के अल्फ़ाज़ कई,
जो ज़माने से कहा,
अब लिखा जो माना मैंने,
हालातों से जुन्जकर कर
जो जाना मैंने।।
जाना यही की - " आईना पास होता है तस्वीरें खो जाती हैं "
थामे हाथ कोई ,कोई पीछे खड़ा होता है
रूह के करीब और दिल से जुड़ा होता है
कुछ अंगुलियाँ संग चलती,कुछ बिछड़ जाती हैं
आईना पास होता है ,तस्वीरें खो जाती हैं।।
कदम कदम जो साथ चलते! जैसे हो छाया
धूप ढले तो! हो जाए लापता ,जैसे कोई माया
सब कुछ छूट जाता है यहां, बस क्रीडा रह जाती है
आईना पास होता है ,तस्वीरें खो जाती हैं।।
कुछ दम भर प्यार निभाते, कुछ सीख दे जाते हैं
राहें अलग हो जातीं ,बस लम्हें चार पास रह जाते हैं
काया भस्म हो जाए चाहे, किंतु अनुभूतियां रह जाती हैं
आईना पास होता है तस्वीरें खो जाती हैं। ।
कोई अनुराग के गीत गाता , कोई रूठ जाता है
कोई मान जाता ,तो कोई यादों में गुम जाता है
कभी किस्मत पर फक्र होता, कभी खामियां गिनी जाती है
आईना पास होता है तस्वीरें खो जाती है।।
आईना यानी की हमारा अक्स हम खुद, एक हम खुद हैं, जो खुद के पास होते हैं, वरना सब वक्त और जमाने में कहीं गुम हो जाते हैं। तस्वीरें यानी की वो हर शक़्स जो हमारे साथ है ,जो आज तो है पर शायद कल नहीं होगा। होते तो सब अपने ही हैं मगर उन्हें दूर होने से कोई रोक नहीं पाता आखिर में सिर्फ यादें और एहसास है जो रह जाता है। जब साथ होते हैं ,सब तो क़िस्मत मेहरबां लगता और जब बिछड़ जाए तो सब फीका। बस ऐसेही कुछ जज़्बातों को लिखना चाहा है।
©amour_anu
A