कैसा है ये समय
जो कभी भरते थे दम्भ अपने ज्ञान विज्ञान का
प्रकृति को चुनोती दे रहा था वो इंसान है
आज डर कर छिप रहे हैं शत्रु जो बेजान है
नत मस्तक है दुनिया ये प्रचण्ड तूफान है
प्रचण्ड गर्मी का समय है और ओला बारिश आन है।
कैसा है ये समय ....
..लगता है क्या यही है प्रलय ....
lgta hai yahi hai pralay
©kdpandey
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