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आलोचक की अपनी कहानी

सच बोलना आलोचना आलोचक की अपनी कहानी
अगर आलोचना ना हुई तो फिर कैसी है गुलामी बोले
नफरत ए हिंद को बदनाम कर दिया जातिवाद धर्म से
मीडिया दलाल बन गया झूठी कहानियां लिखकर झूठ
सच्चाई लिख नहीं सकता मौत घाट उतारने पर सच
©lawnishtha