आँखों में सपने, मन में उजाला

आशा की किरण चमकी अनोखी
भविष्य के द्वार पर दस्तक दे रही

कदम-कदम पर नई उम्मीदें
सच होते सपने, मिटाते निराशा के पीढ़े

चुनौतियाँ आएँ, मैं डगमगाऊँ
फिर भी आगे बढ़ूँ, संकल्प दोहराऊँ

प्रकाश की राह पर चलता जाऊँ
अपने सच को, अपने सपने को पाऊँ