आशा के दीप

जीवन की डगर पर अंधेरा छाया
फिर भी मन में एक किरण जगाया

कल के सपने हैं आँखों में बसे
भविष्य की राह अभी नहीं हुई खत्म कभी

कठिन पल में भी मुस्कुराते हुए
आशा की डोर को थामे रहते हुए

हर कदम पर विश्वास के साथ चलते
नई उम्मीदों के संग ढलते