आशा की धूप में नहाया भविष्य है,
अंधेरे को चीरते हुए एक उजाला सा प्रविष्ट है।
जो कल खो गया था, आज में पाने की चाह में,
हर पल एक नई उम्मीद से बुना हुआ वह विश्वास है।
ज़िन्दगी के पथ पे चलते, ठोकरें खा के भी,
उठ खड़े होने का नाम ही तो आशाओं का करिश्मा है।
दूर अनंत में जहां निगाहें ठहरती नहीं,
वहां तक यात्रा की हर डगर पर आशा का दीपक जलता है।
सपनों की मीठी बातों से लेकर,
वास्तविकता की कड़वी सच्चाइयों तक,
आशा वही सेतु है, जो वर्तमान को भविष्य से मिलाता है।
इस अनंत यात्रा में, जहां आज और कल के बीच,
बस एक विश्वास का पुल है - आशा, जो हमेशा साथ चलता है।