आशा की वह किरन, जो अंधेरों में भी जगमगाती है,
हर ख्वाब, हर ख्याल को संभवता में बदल जाती है।
भविष्य, जो अभी तक एक पहेली सा है,
आशा के संग वह भी सुनहला सपना बन जाता है।
जब दिल में हो विश्वास, और मन में ठान लें उड़ान,
तो पथरीले रास्ते भी, बन जाते हैं फूलों की चादर समान।
आशा वह बीज है जो, संघर्षों की मिट्टी में खिलता है,
और भविष्य वह दरख्त, जो उम्मीदों की बारिश में पलता है।
तो चलो, आज फिर से एक नयी आशा का दीप जलाएं,
और अपने भविष्य को, स्वयं के सपनों से सजाएं।