जैसे सुबह की पहली धूप
चमकती है आँखों में मेरी
सपनों के पंख लगाए
उड़ता है मन मेरा आज
अतीत के कांटे छोड़कर
भविष्य को गले लगाता हूँ
हर कदम एक नई उम्मीद
हर साँस एक नया सवेरा
जैसे सुबह की पहली धूप
चमकती है आँखों में मेरी
सपनों के पंख लगाए
उड़ता है मन मेरा आज
अतीत के कांटे छोड़कर
भविष्य को गले लगाता हूँ
हर कदम एक नई उम्मीद
हर साँस एक नया सवेरा