सपनों के आकाश में
चमकती एक किरण सी
आशा अपने हाथों में
लिए आगे बढ़ती है
कल की धुंध में छुपा
एक नया सवेरा है
हर कदम में छिपा हुआ
एक नया सफ़ेरा है
भविष्य की राहों पर
चलती जाती है मन
कभी डगमगाती है तो
कभी मिलता है बल
सपने हैं पंख लगाए
उड़ने को तत्पर हैं
आशा के दीप जलाए
हम सब अभी जागते हैं