आशा की वो किरण, जो अंधेरों में भी जगमगाए,
भविष्य के पन्ने पर, नए सपने सजाए।
हर ख्वाब जो टूटा, हर दर्द जो बिखरा,
आशा की उस किरण ने, सब कुछ संवारा।
क्यों डरें हम, अंजाने कल से,
जब आशा अपने साथ, नयी सुबह ले आए।
भविष्य के आंगन में, जहां सपनों के फूल खिले,
आशा की वो किरण, हर दिन, नया विश्वास दिलाए।
तो चलो, हम भी चलें, उस आशाओं के पथ पर,
जहां भविष्य रोशन है, और सपने सच होते हैं।